कवर्धा विशेष

राधिका खेड़ा से उनकी ही पार्टी के नेता द्वारा दुर्व्यवहार कांग्रेस पार्टी की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है : भावना बोहरा

आशु चंद्रवंशी,बड़ेगौटिया/कवर्धा। कांग्रेस की प्रेस कांफ्रेंस लेने राजधानी रायपुर आई कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और नेत्री राधिका खेड़ा के साथ छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला द्वारा किये गए दुर्व्यवहार और अपमान को लेकर भाजपा पार्टी द्वारा लगातार निंदा की जा रही है। पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने भी एक महिला के साथ हुए इस अपमान की निंदा करते हुए कहा कि मैं इसे एक राजनैतिक विषय नहीं बल्कि एक महिला होने के नाते एक महिला के अपमान के रूप में कहना चाहती हूँ कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के न्याय की बात करती हैं लेकिन जब उनकी ही पार्टी के नेता अपनी ही पार्टी की महिला प्रवक्ता के साथ ऐसा दुर्व्यवहार करते हैं और उनका अपमान करते हैं तो आखिर किस मुंह से वो महिला न्याय की बात करते हैं? सोशल मीडिया में जो विडियो हमने देखा जिसमें वह रोती-बिलखती अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहीं हैं, उन्हें किस तरह अपमानित किया गया वह जाहिर कर रही हैं इससे स्पष्ट है की कांग्रेस पार्टी महिलाओं का सम्मान नहीं बल्कि उन्हें केवल वोट बैंक के लिए भ्रमित कर रही हैं। राधिका खेड़ा के साथ जो भी हुआ वह अत्यंत ही निंदनीय है।

भावना बोहरा ने कहा कि सोशल मीडिया में उन्होंने जो लिखा है वह भी मैनें देखा। कांग्रेस पार्टी के संचार प्रमुख सुशिल आनंद शुक्ला द्वारा किये गए इस अभद्र व्यवहार से न केवल राधिका खेड़ा का अपमान हुआ है बल्कि यह हम सभी महिलाओं और छत्तीसगढ़ का भी अपमान है। कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी महिला सुरक्षा के लिए बड़ी-बड़ी बातें करती हैं, उनके स्वागत के लिए सड़कों को फूलों से सजाया जाता है लेकिन जब उनकी ही पार्टी की महिला राष्ट्रीय प्रवक्ता का अपमान किया जाता है तो वो चुप क्यों है? कांग्रेस के नेता भी इस पूरे मामले में अपनी चुप्पी साधे हैं और जिसने अपमान किया है उसकी सुरक्षा और वकालत करने में पार्टी के बड़े नेता लगे हुए हैं। राधिका खेड़ा ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट किया है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भी सुशिल आनंद शुक्ला को बचाने में लगे हुए हैं, जिससे कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। वहीं कांग्रेस के नेता इसे सामान्य सी घटना बता रहें हैं, यह बहुत ही गलत और एक महिला का उपहास है!

कांग्रेस पार्टी और उनके नेता चुनाव आते ही महिलाओं के लिए बड़ी-बड़ी बातें और घोषणाएं कर रहें हैं, महिला न्याय की बात कर रहें हैं लेकिन जब उनकी ही पार्टी की प्रवक्ता के साथ उनके ही नेता ऐसा दुर्व्यवहार कर रहें हैं, अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर उनकी अस्मिता का उपहास कर रहें हैं तो जरा सोचिये कि बाकि महिलाओं के साथ उनका व्यवहार कैसा होगा? कांग्रेस की पूरी नीति और कार्यशैली ही रही है की नारी शक्तियों का अपमान करना और उन्हें आगे बढ़ता देख उनमें टीस पैदा होना। इससे पहले भी कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी के साथ उन्ही की पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा बदसलूकी की गई, उन्होंने शिकायत भी लेकिन अपमानित करने वालों को कांग्रेस ने दिखावे के लिए निष्काषित तो किया लेकिन फिर पार्टी में वापस ले लिया, इससे दुखी होकर प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी। अंगकिता दत्ता जिन्होंने अपनी पार्टी के नेता पर उत्पीड़न का आरोप लगाया तो उन्हें पार्टी से निष्काषित कर दिया गया, आज भी वही अपमान राधिका खेड़ा के साथ हुआ है और वह अपने अपमान के लिए आवाज उठा रहीं हैं लेकिन कांग्रेस के नेता इसे सामान्य घटना बताकर उनका उपहास कर रहें हैं यह बहुत ही निंदनीय है।

भावना बोहरा ने कहा कि  छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में उनकी राष्ट्रीय स्तर की महिला प्रवक्ता ही सुरक्षित नहीं है तो क्या कांग्रेस के राज में महिलाएं सुरक्षित रह पाएंगी? कांग्रेस अपने महिला प्रवक्ता के साथ न्याय नहीं कर सकती तो देश की महिलाओं को क्या न्याय देगी। जो महिलाओं को अपने घर में सम्मान नहीं दे पा रहे, जिस पार्टी की महिलाओं की सिसकियां उनके कार्यालयों में गूंजती हो, उस पार्टी से महिला सुरक्षा की अपेक्षा अतिश्योक्ति है। जिस तरह से राधिका खेड़ा का कांग्रेस भवन के अंदर रोते हुए वीडियो सामने आया है। उन्हें उस परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है, ये बताता है कि कांग्रेस में महिलाओं का क्या सम्मान है। इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है की कांग्रेस पार्टी में पुरुषवादी मानसिकता अभी तक हावी है और  कांग्रेस महिला विरोधी है।

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